राजस्थान की स्थिति एवं विस्तार
➤राजस्थान की स्थिति विश्व या ग्लोब में उत्तर-पूर्व है
➤एशिया में दक्षिण-पश्चिम तथा भारत में उत्तर-पश्चिम है
➤राजस्थान का अक्षांशीय विस्तार 23 डिग्री 03 मिनट उत्तरी अक्षांश से
30 डिग्री 12 मिनट उत्तरी अक्षांश तक हैं अर्थात इसका कुल अक्षांशीय
विस्तार 7 डिग्री 9 मिनट है
➤राजस्थान का देशांतरीय विस्तार 69 डिग्री 30 मिनट पूर्वी देशांतर से
78 डिग्री 17 मिनट पूर्वी देशांतर तक हैं अर्थात इसका कुल
देशांतरीय विस्तार 8 डिग्री 47 मिनट है
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य:-
➤कर्क रेखा राजस्थान में डूंगरपुर को छूते हुए एवं बांसवाडा के बीच से
गुजरती हैं इसके सबसे नजदीक राजस्थान के
कुशलगढ़,बोरखेड़ा,गलियाकोट,बांसवाड़ा आदि स्थान है
➤कर्क रेखा के दक्षिण का भाग (दक्षिणी बांसवाड़ा ) उष्णकटिबंद (ट्रॉपिकल जोन) का हिस्सा है
➤राजस्थान के दक्षिण में सूर्य की किरणें लंबवत रूप से या सीधी होती हैं जबकि कर्क रेखा के उत्तर में कभी भी सूर्य की किरणें लंबवत नहीं होती
➤राजस्थान में सर्वाधिक लंबवत किरणें 21 जून को पड़ती हैं यह दिन राजस्थान का सबसे बड़ा दिन तथा सबसे छोटी रात वाला दिन होता है इस स्थिति को कर्क संक्रांति भी कहते हैं
➤राजस्थान में सर्वाधिक तिरछी किरणें 22 दिसंबर को पड़ती है यह दिन राजस्थान का सबसे छोटा दिन तथा सबसे बड़ी रात वाला दिन होता है इस स्थिति को मकर संक्रांति भी कहते हैं
➤21 मार्च तथा 23 दिसंबर को सूर्य की स्थिति भूमध्य रेखा पर होती है
➤राजस्थान में बांसवाड़ा से गंगानगर की तरफ अर्थात दक्षिण से उत्तर की ओर सूर्य की करने का तिरछापन बढ़ता जाता है
➤कर्क रेखा से उत्तर का भाग उपोष्ण कटिबंध या शीतोष्ण कटिबंध में आता है
➤जिन अक्षांशों में राजस्थान है लगभग उन्ही अक्षांशों में अल्जीरिया,लीबिया और मिस्र देश हैं
➤एक डिग्री देशांतर को पार करने में लगभग 4 मिनट का समय लगता है अतः राजस्थान की पूर्वी तथा पश्चिमी सीमा में समय अंतराल 35 मिनट 8 सेकंड (लगभग 36 मिनट) का होता है
➤जीरो डिग्री देशांतर से पूर्व की ओर जाने पर समय बढ़ता है तथा पीछे की ओर अर्थात पश्चिम की ओर जाने पर समय घटता जाता है
➤एक ही देशांतर पर स्थित शहरों या देश का स्थानीय समय समान होता है
➤भारत का मानक समय देशांतर 82.5 डिग्री पूर्वी देशांतर है जो नैनी नामक स्थान मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) से गुजरता है यह जीएमटी रेखा से 5.30 घंटे आगे हैं
➤राजस्थान में सबसे पहले सूर्योदय व सूर्यास्त धौलपुर में तथा सबसे बाद में जैसलमेर में होता है
➤राजस्थान की उत्तर से दक्षिण की लंबाई 826 किलोमीटर तथा पूर्व से पश्चिम की लंबाई 869 किलोमीटर है
➤राजस्थान की उत्तर-पश्चिम से दक्षिण- पूर्व की लम्बाई 850 KM है
➤राजस्थान की उत्तर-पूर्व से दक्षिण- पश्चिम की लम्बाई 784 KM है
➤राजस्थान का केंद्र बिंदु उपग्रह के अनुसार गगराना (नागौर) तथा भू राजस्व बोर्ड के अनुसार लपोलाई (नागौर) है
➤राजस्थान के अंतिम सीमा बिंदु पूर्व में कटरा गांव (सम तहसील, जैसलमेर) तथा दक्षिण में बोरकुंड गांव (कुशलगढ़ तहसील, बांसवाड़ा) पूर्व में सिलान गांव (राजाखेड़ा तहसील, धौलपुर) तथा उत्तर में कोना गांव( श्रीगंगानगर) है
➤कर्क रेखा पर स्थित भारत के राज्य गुजरात, राजस्थान ,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ,झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा ,मिजोरम राज्यों से गुजराती है
➤1 नवंबर 1956 से पहले राजस्थान में कोई 25 जिले थे तथा इसके पश्चात 1 नवंबर 1956 को राजस्थान में 26 वा जिला अजमेर बनाया गया इसके पश्चात राजस्थान में ने बहुत बार जिले बने तथा जिलों को वापस निरस्त किया गया जिसका विवरण निम्न प्रकार है
| क्रम संख्या | जिले का नाम | किस से अलग | दिनांक | समिति | मुख्यमंत्री |
| 26 वाँ | अजमेर | – | 1 nov 1956 | – | मोहन लाल सुखाडिया |
| 27 वाँ | धौलपुर | भरतपुर | 15 अप्रैल 1982 | – | शिवचरण माथुर |
| 28 वाँ | बाराँ | कोटा | 10 अप्रैल 1991 | – | भेरोसिंह शेखावत |
| 29 वाँ | दौसा | जयपुर | 10 अप्रैल 1991 | – | भेरोसिंह शेखावत |
| 30 वाँ | राजसमंद | उदयपुर | 10 अप्रैल 1991 | – | भेरोसिंह शेखावत |
| 31 वाँ | हनुमानगढ़ | श्री गंगानगर | 12 जुलाई 1994 | – | भेरोसिंह शेखावत |
| 32 वाँ | करौली | सवाई माधोपुर | 19 जुलाई 1997 | – | भेरोसिंह शेखावत |
| 33 वाँ | प्रतापगढ़ | चित्तौड़,उदयपुर, बांसवाड़ा | 26 जनवरी 2008 | परमेश चंद्र | वसुंधरा राजे |
रामलुभाया समिति :–
| गठन – 21 मार्च 2022
अध्यक्ष – श्री रामलुभाया सेवानिवृत्त IAS अंतिम रिपोर्ट – 17 मार्च 2023 अधिसूचना जारी – 4 अगस्त 2023 विधिवत प्रारंभ – 7 अगस्त 2023 |
(3 संभाग,19 जिले,13 ADM,35 SDM, 85 तहसील,125 उपतहसील,1500 राजस्व गांव घोषित)
जिले – बालोतरा ,ब्यावर ,डीग ,डीडवाना-कुचामन ,खेरथल-तिजारा ,कोटपुतली-बहरोड़ ,फलोदी ,सलुम्बर , जयपुर ग्रामीण ,जयपुर शहर ,जोधपुर ग्रामीण,जोधपुर शहर ,दुदू ,अनुपगढ ,गंगापुरसिटी ,केकड़ी ,नीम का थाना,सांचोर ,शाहपुरा संभाग – पाली , सीकर ,बांसवाडा श्लोगन वाक्य:- हर घर में न्याय हर घर में समृद्धि( बिरला सभागार जयपुर) (नोट – गहलोत सरकार ने विधानसभा चुनाव 2023 से पहले मालपुरा ,सुजानगढ़,कुचामन को जिला घोषित किया तथा वर्तमान सरकार ने इन तीनो को 20 जून 2024 निरस्त कर दिया ) |
| ललित के. पंवार समिति :-
गठन – 28 जून 2024 |
मुख्यकार्य :- नव्सर्जित जिलो एवं समीक्षा कर रिपोर्ट मंत्री मंडलीय उपसमिति को देना |
| मंत्रीमंडलीय उपसमिति :-
अध्यक्ष – 1.डॉ प्रेमचंद बैरवा (DCM)(पद त्याग ) 2.मदन दिलावर अन्य सदस्य :- राजवर्धन सिंह राठोड ,कन्हेया लाल चौधरी ,हेमंत मीना ,सुरेश सिंह रावत |
समाप्त किये गए जिले :- जयपुर ग्रामीण ,जयपुर शहर ,जोधपुर ग्रामीण,जोधपुर शहर ,दुदू ,अनुपगढ ,गंगापुरसिटी ,केकड़ी ,नीम का थाना,सांचोर ,शाहपुरा
यथावत जिले :- बालोतरा ,ब्यावर ,डीग ,डीडवाना-कुचामन ,खेरथल-तिजारा ,कोटपुतली-बहरोड़ ,फलोदी ,सलुम्बर समाप्त किये गए संभाग ;- पाली ,सीकर ,बसवाडा नोट :- अत वर्तमान राजस्थान में 41 जिले व 7 संभाग है |
राजस्थान में प्रशासनिक इकाई संभाग का इतिहास ➖
➤संभाग को प्रशासनिक इकाई के रूप में 30 मार्च 1949 को मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री द्वारा शुरुआत की गई (5 संभाग जयपुर जोधपुर बीकानेर कोटा उदयपुर)
➤6 वा संभाग अजमेर 1 नवंबर 1956 को बनाया गया (जयपुर के स्थान पर अजमेर को संभाग बनाया )
➤24 अप्रैल 1962 को मोहनलाल सुखाड़िया सरकार द्वारा संभाग व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया
➤26 जनवरी 1987 को हरदेव जोशी सरकार द्वारा पुनः संभाग व्यवस्था शुरू की गई तथा जयपुर को पुन संभाग बनाया गया इस तरह राजस्थान में कुल 6 संभाग का कार्यक्षेत्र शुरू हुआ
➤ 4 जून 2005 को वसुंधरा राजे सरकार द्वारा सातवां संभाग भरतपुर बनाया गया
➤ 7 अगस्त 2023 को रमलूभाया समिति की सिफारिश पर गहलोत सरकार द्वारा तीन संभाग सीकर, पाली, बांसवाड़ा बनाए गए
➤ 28 दिसंबर 2024 को ललित के पावर समिति की सिफारिस पर भजनलाल सरकार द्वारा नवीनतम संभाग सीकर, पाली, बांसवाड़ा को समाप्त कर दिया गय
नवीनतम जिले एवं संभाग |
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|---|---|---|---|---|
| कोटा (4 जिले ) | कोटा,झालावार,baran ,बूंदी | नव सृजित जिला बालोतरा –
ब्यावर- डीग- डीडवाना-कुचामन- खेरथल-तिजारा- कोटपुतली-बहरोड़- फलोदी – सलुम्बर – |
किस से अलग
बाड़मेर अजमेर भरतपुर नागोर अलवर
जयपुर जोधपुर उदयपुर
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| बीकानेर (4 जिले ) | बीकानेर ,गंगानगर,हनुमानगढ़,चुरू | |||
| भरतपुर (5 जिले ) | भरतपुर ,धोलपुर ,करोली ,सवैमधोपुर ,डीग | |||
| अजमेर (6 जिले ) | अजमेर,भिलवाडा ,नागोर ,टोंक ,ब्यावर,डीडवाना -कुचामन | |||
| जयपुर (7 जिले ) | जयपुर ,दोसा, अलवर ,सीकर, झुंझुनू ,खेरथल-तिजारा ,कोटपुतली-बहरोड़ | |||
| उदयपुर (7 जिले ) | उदयपुर ,चित्तोडगढ,बसवाडा ,प्रतापगढ़ ,डूंगरपुर ,राजसमंद, सलुम्बर | |||
| जोधपुर ( 8 जिले ) | जोधपुर ,पाली ,जैसलमेर ,बाड़मेर ,जालोर ,सिरोही ,बालोतरा ,फलोदी | |||
राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा –
➤राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा रेडक्लिफ सीमा के नाम से जानी जाती हैं जिसका निर्धारण 1947 में अध्यारोपित सीमा के रूप में कर रेडक्लिफ द्वारा किया गया
➤भारत-पाकिस्तान के बीच इसकी कुल लम्बाई 3323 किलोमीटर है
➤यह रेखा भारत के लद्धाख ,जम्मू-कश्मीर ,पंजाब ,राजस्थान,गुजरात राज्यों से लगती है
➤यह सीमा राजस्थान में कुल 1070 किलोमीटर लंबी है(राज्यों में सर्वाधिक)
➤राजस्थान में अंतर्राष्ट्रीय सीमा गंगानगर के हिंदूमलकोट से लेकर बाड़मेर के शाहगढ़ बाखासर तक विस्तारित है
➤राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान के दो राज्य तथा 9 जिले राजस्थान के साथ सीमा बनाते हैं जिनमें पंजाब राज्य के बहावलनगर, बहावलपुर, रहीमपारखा जिले तथा सिंध राज्य के घोटकी, सुकुर ,खैरपुर, संहार, उमरकोट, थारपारकर जिले आते हैं
न्यूनतम अंतर्राष्ट्रीय सीमा- बहावलनगर
सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय सीमा- उमरकोट
सर्वाधिक नजदीक जिला मुख्यालय – बहावलपुर
सर्वाधिक दूर जिला मुख्यालय – खैरपुर
➤राजस्थान के पांच जिले पाकिस्तान के साथ अर्थात अंतर्राष्ट्रीय
सीमा पर सीमा बनाते हैं जो गंगानगर ,बीकानेर ,फलोदी, जैसलमेर तथा बाड़मेर है
न्यूनतम अंतर्राष्ट्रीय सीमा- फलोदी
सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय सीमा- जैसलमेर
सर्वाधिक नजदीक जिला मुख्यालय – गंगानगर
सर्वाधिक दूर जिला मुख्यालय – बीकानेर
➤राजस्थान से गग्घर गंगानगर जिला होते हुए पाकिस्तान के
बहावलनगर में प्रवेश करती हैं
राजस्थान की अंतरराज्य सीमा –
➤राजस्थान की कुल स्थलीयसीमा की लंबाई 5920 किलोमीटर है जिसमें अन्तर्राज्यीय सीमा 4850 KM तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा 1070 किलोमीटर है
➤राजस्थान की कुल अंतर-राज्य सीमा पांच राज्यों से लगती हैं जिसमें उत्तर में पंजाब से 89 किलोमीटर(mim), उत्तर-पूर्व में हरियाणा से 1262 किलोमीटर ,पूर्व में उत्तर प्रदेश से 877 किलोमीटर ,दक्षिण-पूर्व में मध्य प्रदेश से 1600 किलोमीटर(max), तथा दक्षिण-पश्चिम में गुजरात से 1022 किलोमीटर लगती है
➤वर्तमान राजस्थान में कुल 41 जिले हैं जिनमें
→ 25 जिले अंतर राज्य सीमा बनाते हैं
→ 5 जिले अंतर्राष्ट्रीय सीमा बनाते हैं
→ 3 जिले केवल अंतर्राष्ट्रीय सीमा बनाते हैं
→ 23 जिले केवल अंतर राज्य सीमा बनाते हैं
→13 जिले ना अंतर राज्य सीमा बनाते हैं ना ही अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाते हैं अर्थात यह लैंड लॉक जिले हैं
→राजस्थान के 13 लैंडलोक जिले या अंतवर्ती जिले जोधपुर, नागौर, पाली, डीडवाना-कुचामन, बालोतरा, राजसमंद, सलूंबर, ब्यावर, अजमेर, टोंक, बूंदी, जयपुर, दौसा है
➤राज. में भीलवाडा,चित्तोडगढ,एवं राजसमंद,खंडित जिलो की श्रेणी में आते है |
➤राज.का जनसँख्या की दृष्टी से सबसे बड़ा जिला -…………… तथा सबसे छोटा जिला -…………..
➤राज.का क्षेत्रफल की दृष्टी से सबसे बड़ा जिला -जैसलमेर तथा सबसे छोटा जिला -…………..
| पडोसी राज्य | राजस्थान के सीमावर्ती जिले | पडोसी राज्य सीमावर्ती जिले |
| पंजाब(89 km)(mim) | गंगानगर(max),हनुमानगढ़(mim) | फ्ल्जिका(max),मुक्तसर(mim) |
| हरियाणा (1262km) | हनुमानगढ़(max),चुरू,झुंझुनू,सीकर, कोठपुतली-बहरोड़, खेरथल-तिजारा,अलवर(mim),डीग | सिरसा(max),फतेहाबाद(mim),हिसार,भिवानी, महेंद्रगढ़,रेवाड़ी,नूह(मेवात) |
| UP(877km) | डीग(mim),भरतपुर(max),धोलपुर | मथुरा(mim),आगरा(max) |
| MP(1600km)(max) | धोलपुर,करोली,सवाईमाधोपुर,कोटा,बारा, झालावाड(max) ,चित्तोडगढ,भीलवाडा(mim), प्रतापगढ़,बसवाडा | मोरेना(max),श्योपुर,शिवपुरी,गुना,राजगढ़ ,आगर-मालवा,रतलाम,मंदसोर,नीमच, झाबुआ(mim) |
| GUJ(1022km) | बसवाडा,डूंगरपुर,उदयपुर(max),सिरोही,जालोर, बाड़मेर(mim) | कच्छ(mim),बनास-काठा(max),साबरकाठा, अरावली,महिसागर, दाहोद |







